उपन्यास: मैं पागल हूँ एक ऐसे आदमी की कहानी, जिसे दुनिया समझ नहीं पाई—उसे आज भी अहसास है कि वो पागल है लेकिन किसी को गूंगे की भांति बता नहीं सकता। दुनिया को समझते-समझते वो खुद से दूर होता चला गया । अ…
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