अध्याय 2 बाबा जी नवीन एक महीने खूब मेहनत करके इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण कर लेता है। आज भी नवीन को डरावने सपने आए। सपने में कोई नवीन से फिर से कह रहा था की हम आ रहे हैं, और उसके बाद उस आवाज़ ने नव…
भाग 1 नवीन का भय सन 2024 में जब नवीन अपना सुनहरा भविष्य देख रहा था तब नवीन के जीवन में कोई दबे पांव आ रहा था नवीन खुशहाल जीवन जी रहा था और विज्ञान अपनी प्रगति की ऊंचाईयों पर था नवीन एक इंटरमीडिएट …
अध्याय 2 बंद दरवाज़े के पार जब हम टूट जाते हैं, तो सबसे पहले हम अपने परिवार की ओर देखते हैं।बिना कहे परिवार से उम्मीद करते हैं कि कोई सहारा उन्हें इस मुश्किल से बाहर निकाल देगा।लेकिन अरुण के हिस्स…
बिल में कैद आत्मा एक शाम जब अरुण सिंह अपने डरावने सपने से जागा तो देखा कि वह एक विशाल दैत्याकार चूहे में बदल गया है अरुण को उस शाम कुछ असामान्य नहीं लगा था। रोज़ की तरह थका हुआ शरीर, बोझिल मन और अन…
अध्याय 5 प्रोजेक्ट मुहिम शहर की गलियों में अब एक ही नाम गूंज रहा था — “ध्यान सभा।” लोगों ने इसे पहले एक शांति अभियान समझा था, पर अब वही सभा पुलिस की निगाहों में विद्रोह बन चुकी थी। कमिश्नर ने मीडिया…
अध्याय 4 मौन विद्रोह शाम ढल रही थी। खंडहर आश्रम की हवा में सुगंधित धूप की गंध फैल रही थी। अमित ध्यान सभा में पहुंचा तो उसने अचानक देव को अपनी तरफ आते देखा। वही पुराना चेहरा, और आँखों में एक अजीब-सा…
अध्याय 3 भीतर की आज़ादी लोगों को उनकी झूठी सच्चाई से दूर करना ही पॉल का मकसद था। उसके लिए वह कुछ भी कर सकता था — धोखा, छल, या किसी के विचारों तक से खेलना। वह मानता था कि दुनिया के ज़्यादातर लोग माया …
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