लघु उपन्यास "अनोखे सपने" अध्याय 1 नवीन का भय

 भाग 1 नवीन का भय 

सन 2024 में जब नवीन अपना सुनहरा भविष्य देख रहा था तब नवीन के जीवन में कोई दबे पांव आ रहा था नवीन खुशहाल जीवन जी रहा था और विज्ञान अपनी प्रगति की ऊंचाईयों पर था नवीन एक इंटरमीडिएट का छात्र है। उसके पास सुख सुविधाओं से भरा जीवन है। जब नवीन अपने घर में सो रहा था उसे अजीब सपने आते हैं सपने में कोई उससे बात करता है की हम आ रहे हैं। वो आवाज उसके जीवन में घटित कई घटनाओं का उसे ब्योरा देते हैं मानो वो आवाज उससे कह रही हो की हम आपके बारे में सब जानते हैं।

जब नवीन की आंखे खुलती हैं तो उसके आस पास कोई नहीं था नवीन को समझ नहीं आ रहा था की ये आवाजे कहा से आ रही है।

नवीन संदेह से भरकर अपनी मां से कहता है की मां जब मैं नींद में था तो कोई मुझसे बाते तो नहीं कर रहा था।

नवीन की मां गुस्से से भरकर कहती है नींद में तुम से कौन बाते करेगा सपने में कोई भूत देख लिया क्या? यह तेरा रोज का नाटक है की भूत मुझे सपने में परेशान करते हैं। इस बार क्या हो गया किसी भूत से बातचीत चल रही थी।

नवीन थोड़ा परेशान होकर कहता है जाने भी दो मां मेरी पुरानी यादें सपने में आकर मुझसे मेरे जीवन के बारे में बात कर रही थी।

नवीन की मां धीरे आवाज में कहती है, पुरानी यादें के चक्कर में तू पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहा है आजकल ना जाने कौन सी पुरानी यादों में खोया खोया रहता है।

नवीन अपनी मां से कहता है, मैं पुरानी याद में नहीं खोया रहता बस कुछ यादें मुझे परेशान करती हैं। 

नवीन नाश्ता करता है, और कॉलेज जाने के लिए तैयार होता है। नवीन कभी कॉलेज का होमवर्क पूरा नहीं करता इसलिए उसे आज बहुत अधिक चिंता हो रही है की आज उसे शिक्षक फिर से सजा देगा। नवीन भगवान को याद कर रहा है की आज बचा ले भगवान फिर कल तक पूरा होमवर्क कर लूंगा। 

प्रार्थना के लिए जाते समय नवीन के दोस्त देख रहे हैं की नवीन रोज की तरह कुछ अलग बर्ताव कर रहा है

एक दोस्त रोहित मुस्करा कर नवीन से कहता है की तुम चलते वक्त दो कदम पीछे इसलिए चले ताकि आज तुम्हें सजा ना मिले।

नवीन - कुछ घबराया हुआ नहीं ऐसी बात नहीं है मैं क्लॉस में पढ़ाई को लेकर बहुत तनाव में हूं इसलिए ऐसा हुआ।

प्रार्थना के बाद सभी बच्चे कक्षा में जाते हैं और नवीन भी कक्षा में जाकर बैठ जाता है नवीन शर्मीले स्वभाव का इंट्रोवर्ट लड़का है नवीन के साथ पढ़ने वाले बच्चे उसे बुली करते हैं उसे गाली देते हैं लेकिन नवीन किसी का जवाब नहीं दे पाता वह बहुत सहमा हुआ रहता है। 

नवीन के बहुत कम दोस्त हैं जो उसके साथ अच्छे से पेश आते हैं। नवीन की एक गर्लफ्रेंड भी है जिसका नाम तारा है जो हर वक्त उसकी मदद करती है। उसे क्लास के नोट्स देती है उसका होमवर्क पूरा करने में उसकी मदद करती है।

कक्षा में टीचर नवीन को फिर से डांटते हुए कहता है की नवीन तुम आजकल बहुत बिगड़ रहे हो ना रेगुलर कॉलेज आते हो ना कभी होमवर्क पूरा करते हो टीचर गुस्से में जा बाहर निकल मेरी क्लॉस से, नवीन उठ कर बाहर आ जाता है और बाहर से क्लास रूम के अंदर देखने लगता है।

नवीन की ऐसी हालत देख कर नवीन की गर्लफ्रेंड बहुत दुखी हो जाती है। उसने नवीन को पहले बहुत बार समझाया की तुम रेगुलर कॉलेज आओ और अपना होमवर्क पूरा किया करो। लेकिन नवीन को कोई फर्क ही नहीं पड़ा नवीन का कॉलेज में ना आना और होमवर्क ना करने के पीछे कई तर्क थे जैसे कॉलेज के लड़के उसे बुली करते हैं क्लॉस में टीचर उसे मारता है। नवीन, तारा से कहता है की कालेज में बहुत ज्यादा काम दिया जाता है मैं उसे पूरा नहीं कर पाता। 

नवीन अगली क्लास के बारे में सोच रहा है जिसमें उसे मार पढ़ने वाली है क्यों की इस बार प्री बोर्ड गणित की परीक्षा में नवीन के जीरो नंबर आए हैं। 

दूसरी घंटी बजती है और नवीन डर से कांपने लगता है उसे सपने की वह बाते याद आ रही थी की हम आ रहे हैं नवीन और अधिक परेशान हो जाता है की मेरी जिंदगी में कौन आरहे हैं। 

कक्षा में नरेश सर आते हैं सभी बच्चे सर को गुड मॉर्निंग कहते हैं नवीन भी धीरे आवाज में गुड़ मार्निग सर कहता है। 

नरेश सबसे पहले नवीन को खड़ा करता है और उसके बारे में कहता है की क्या हो गया तुम्हें पिछले साल तक तुम पढ़ने में बहुत अच्छे थे रोज विद्यालय आते थे अपना होमवर्क पूरा करते थे अच्छे नंबरों से पास होते थे कक्षा में तुमने तीसरा स्थान भी हासिल किया। अब क्या हो गया अब तुम्हारे गणित में जीरो नंबर आ रहे हैं। 

नवीन कुछ नहीं कह पाता है तो सर उसकी थोड़ा पिटाई कर देते हैं लेकिन नवीन को कोई फर्क ही नहीं पड़ा वो अपनी ही धुन में मस्त था। 

कॉलेज के बाद तारा नवीन से मिलती है और कहती है की बाबा ने तुम्हारी बुद्धि खराब कर दी है तुम उसके चक्कर से बाहर निकल आओ आगे तेरा कोई भविष्य नहीं है इसलिए आज से हम नहीं मिल पाएंगे ये दोस्ती यहीं खत्म हो जाती है। अब बोर्ड की परीक्षा के लिए एक महीने का समय बचा है अब मुझसे मिलने की कोशिश भी मत करना। 

नवीन घर जाकर बाबा जी का सतसंग सुनने लगता है यह सतसंग उसने कल रात को डाउनलोड कर के रखे थे बाबा जी समझाते हैं यह संसार तो मोह माया है हमें तो निज घर सतलोक जाना है नवीन के जीवन में इस वर्ष इतने दुख आए की नवीन को बाबा जी की प्रत्येक बात सच लगने लगी।

नवीन एक साल से बाबा जी के सतसंग सुन रहा है और अपने कॉलेज की पढाई लिखाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा।

नवीन अपनी मां से बाबा जी से नाम दीक्षा लेने की जिद करता है लेकिन उसकी मां कहती है की तुम अपनी पढाई पर ध्यान दो।

क्रमशः 

- Tenzin

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